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कहय उपदेशे गे , ऐ सजनी

                
                                                         
                            हमें श्याम बिनु जियबई कैसे ,
                                                                 
                            
कहय उपदेशे गे, ऐ सजनी । २
हमें राम बिनु जियबई कैसे ,
कहय उपदेशे गे , ऐ सजनी । २
प्रभुजीके देखें खतिर नयन तरषई ,
नयन तरषई गे , ऐ सजनी ।
प्रभुजीके कृपा अपार बरसई ,
अपार बरसई गे , ऐ सजनी । २
राम बिनु जियबई कैसे ,
तन से प्राण जाए फरके गे , ऐ सजनी ।
प्रभु बिनु जियबई कैसे ,
कहय उपदेशे गे , ऐ सजनी । २
छवि देखि श्याम सुन्दर प्रभुजीके ,
हिय हरषई ,हिय हरषई गे , ऐ सजनी ।
सियाराम जी देखि हमरा ,
देहई मुस्काए गे ,ऐ सजनी । २
आर औहे मुस्कानें हमर हिय लेलय जीत गे, ऐ सजनी ।
रंजीत गावहिं गीत सुनिए - सुनी लागय प्रीत ,
गीत सुनिए रामजी आनंद मनावई ,
आनंद मनावई गे , ऐ सजनी ।। २
रचयिता - रंजीत कुमार महतो "गम्हरा"
 - रंजीत कुमार महतो "गम्हरा"
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10 घंटे पहले

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