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झूठ जो बोलोगे आज, कल पछताओगे

                
                                                         
                            झूठ बोलते हो तुम,
                                                                 
                            
सच नही बोलते। -2
बात मेरी मान लो,
पंथ को बुहार लो। -2
झूठ बोलते हो तुम ,
सच नही बोलते।
झूठ जो बोलोगे आज,
कल पछताओगे।
हाथ में कुदाल होगा,
फावड़ा चलाओगे।।-2
झूठ जो बोलोगे आज,
कल पछताओगे।
कड़कती दुपहरि में ,
तसला उठाओगे।।
झूठ जो बोलोगे आज,
कल पछताओगे।।
दुनियां की मजबूरी होगी,
लाचारी,बेकारी होगी।
खा मा खा तू-तू में-में होगी।।
न कोई संगी साथी होगें,
दुनियां के सारे,बहाने होगें,
बीबी बच्चों के ,ताने होगें,
जो रात और दिन तुम पाओगे,
कुछ बचपन की यादें होंगी,
और खाने को ताने होगें।
कहने को तो ,सब अपने होगें।
पर अपना, न कोई तुम पाओगे।
शिक्षा के बिना इस दुनियां में,
दिन रात सताए जाओगे।।
झूठ बोलते हो तुम ,
सच नही बोलते।
झूठ जो बोलोगे आज
कल पछताओगे ।।
होटल में बैठे-बैठे,
कव्वसी बजाओगे।।
बात जो मानोगे आज,
कल मुस्कुराओगे ।।
पढ़ लिख लोगे आज
कल कुछ बन जाओगे।
खुशहाली होगी चारों ओर
मौज तुम मनाओगे।
झूठ बोलते हो तुम,
सच नही बोलते।
झूठ जो बोलोगे आज
कल पछताओगे।।-2

- स्वरचित
मलखान सिंह पंथी
मा.शिक्षक
शा.सरदार पटेल उ.मा.विद्यालय करोंद,
भोपाल मध्यप्रदेश
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3 वर्ष पहले

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