मेरी बीवी ही
मेरा अभिमान हैं
उसका सम्मान
मेरा ईमान हैं।।
छोड़ा उसने
सब कुछ अपना
हर-पल रखती
ध्यान हैं
दिल खोलकर
आज कहूँ मैं
वो बीवी नहीं
जहान है।।
उसका सम्मान
मेरा ईमान हैं।।
वक़्त कभी नहीं
देखा जिसने
की कौंन कितना
बेईमान हैं
पल-पल उन्न्त
कर्मो में जलती
वो त्याग नहीं
बलिदान हैं।।
मेरी बीवी ही
मेरा अभिमान हैं
उसका सम्मान
मेरा ईमान हैं।।
©M K Yadav
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