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उल्टा चश्मा

                
                                                         
                            तारक मेहता का उल्टा चश्मा
                                                                 
                            
लगता है यहाँ हंसी के ठहाकों का चस्का
जहां जेठा की मुसीबतें खत्म हो न पाए
और दया के मन्नत में जेठा जरूर आए
मेहता को स्वादिष्ट खाने के लाले हैं
और अंजली को डाएट फूड ही बनाने हैं
भिड़े को अपने जमाने की बात करना है
माधवी को अचार पापड़ की डिलीवरी करना है
सोढी को पार्टी शार्टी का प्लान बनाना है
और हर बार रौशन से डांट जरूर खाना है
डाॅ हाथी को खाना खाने से बड़ा अजीज है
शायद कोमल खाना बनाती लजीज है
अय्यर को हिंदी के कुछ शब्द समझ नहीं आते
बबिता के रसगुल्ले जेठा को बहुत भाते
पोपट को सुनाई देती है हर वक्त शादी की शहनाई
टप्पू सेना अपनी शरारतों से बाज नहीं आई
अब्दुल की यारी और बाघा की होशियारी
नट्टू काका की पगार और सुंदरलाल का जुगाड़
चाचाजी की सीख दिलाने की कलाकारी
बावरी को हर वक्त नाम भुलने की बीमारी
लोगों के गुदगुदाने का अरमां
तारक मेहता का उल्टा चश्मा
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59 मिनट पहले

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