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सौतेली माँ

                
                                                         
                            कहते हैं, ममता केवल जन्म से जुड़ी होती है,
                                                                 
                            
पर किसने देखा है भावनाओं की गहराई को?
सौतेली माँ का वो स्पर्श, जो ममता से भरा है,
उसने हर दर्द को चुपचाप सहा है।

वो माँ, जो अपने सपने भूलकर,
किसी और के जीवन में उजाला भरती है।
जो अपने आँचल से हर आँसू पोंछकर,
अपने हृदय की धड़कन देती है।

उसकी गोद में सुकून का सागर है,
उसकी बाहों में विश्वास का आंगन है।
उसका प्यार बिना किसी शर्त का होता है,
हर दर्द को अपनाने का उसका वचन होता है।

उसने सीखा नहीं था ममता का पाठ,
पर उसके हर कदम में है त्याग की बात।
उसके लिए बच्चा अपना हो या पराया,
उसकी ममता ने कभी फर्क न पाया।

कभी बच्चों की नजरों में प्रश्न होते हैं,
कभी समाज की बातें उसे चोट देती हैं।
पर वो माँ हर सवाल के पार,
खुद को ममता में संजोकर रखती है।

तो क्यों न कहें, सौतेली माँ भी माँ से बढ़कर है,
उसका हर आशीर्वाद जीवन का वरदान है।
उसने जो अपनाया, वो सबसे अनमोल है,
उसका दिल ही उसका असली पहचान है।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक वर्ष पहले

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