आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

महेन्द्र सिंह धोनी

                
                                                         
                            कैप्टन कूल
                                                                 
                            
तुम्हें खोजेंगी
वो निगाहे
जो सिर्फ आती थी
स्टेडियम में तुम्हारे लिए
खाली रहेंगी वो कुर्सियाँ
जिसमें आशा की रौनक
छिपी रहती थी।

एक पल देख लो
तुम उन निगाहों की तरफ़
लगाओ एक हेलीकाप्टर शाॅट
तो उछल पड़ते थे क़दम
लहराता था तिरंगा
रंगीन फ़िजाओ में।

नम हो जाती थी आँखे
खुशियों की बौछार लिए
तुम याद रहोगे हमेशा
शांति के स्त्रोत के रूप में
अनुकरणीय रहोगे
नवयुवकों के लिए।
करते हैं प्रार्थना
तुम्हारे उज्वल भविष्य की
जीवा और साक्षी के साथ।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर