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निश्चल निर्मल कोमल हो तुम

                
                                                         
                            शब्द शब्द है निशब्द
                                                                 
                            
चांदनी भी है स्तब्ध
घूमें चहुँ ओर अब्द
तेरे आगे चन्द्रमा ,,,,

खड़े खड़े देखते हैं
बड़े बड़े देखते हैं
जोड़ हाथ झुकते हैं
तेरे आगे चन्द्रमा,,,,

कोई इंदु, विधु कहे
कोई चन्द्र चंदा कहे
कोई कहे फीका है सब
तेरे आगे चन्द्रमा,,,,

रातरति बनकर आते
आधे कभी पूरे आते
सब मिल शीश झुकाते
तेरे आगे चन्द्रमा,,,,

सूर्य रवि दिनकर कहो
भानु शशि मिलकर कहो
नहीं ऐसा कोई जग में
तेरे आगे चन्द्रमा,,,,

शनि, शुक्र, मंगल, बुध
नहीं तुझसा विशुद्ध
झीलों में भी होता युद्ध
तेरे आगे चन्द्रमा ,,,,

सुंदरता के पूरक हो तुम
निश्चल निर्मल कोमल हो तुम
पूर्णिमा की रौनक हो तुम
सबके आगे चन्द्रमा,,,,

शब्द शब्द है निशब्द
चांदनी भी है स्तब्ध
घूमे चहुँ ओर अब्द
तेरे आगे चन्द्रमा,,,,
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47 मिनट पहले

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