मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जो रास्तों से नहीं डरते,
कठिनाइयों के आगे जो अपने घुटने नहीं टेकते।
सफलता का शोर तो एक दिन मचना ही है,
बस शर्त यही है कि हम निरंतर चलना नहीं छोड़ते।
लक्ष्य को आँखों में बसाकर मेहनत भरपूर कर,
निराशा के बादलों को खुद से दूर कर।
किस्मत की लकीरें भी खुद ही बदल जाएंगी,
तू बस आगे बढ़ने का हौसला मन में जरूर कर।
- अंजु कुमावत
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