*फिर से उठो*
मत पूछो कितना अंधेरा है,
पूछो दिया कहाँ जलता है।
रास्ते बंद हैं तो क्या हुआ,
आसमान तो अभी खुला है।
गिरना कोई हार नहीं है,
गिर कर पड़े रहना हार है।
तूफान तो आते जाते हैं,
पर तेरा इरादा किनारा है।
लोग क्या कहेंगे, मत सोचो,
लोग तो बस कहने को हैं।
तुझे तो बस चलते जाना है,
तेरे सपने तेरे होने को हैं।
तू संवार ले अपने लक्ष्यों को
और बना ले सच अपने सपने को।
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