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मैं (शिक्षक) और तुम (विद्यार्थी)

                
                                                         
                            तुम कदम बढ़ाओ,
                                                                 
                            
कदम डगमगाए तो
मैं हूँ ना।
तुम आत्मनिर्भर बनो,
आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए
मैं हूँ ना।
तुम हौसलों की उड़ान भरो,
चली आंधी तो
मैं हूँ ना।
तुम परिश्रम करो,
राह बनाने के लिए
मैं हूँ ना।
तुम मेहनत करो,
टूटेगा हौसला तो
मैं हूँ ना।
तुम अपना मुकाम हासिल करो,
सीढ़ी बनने के लिए
मैं हूँ ना।
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एक घंटा पहले

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