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" एक औरत जब कामती है"

                
                                                         
                            एक औरत जब कामती है,
                                                                 
                            
तो क्यों वो वहीं अटक जाती है।
पर क्या करे वो बेचारी,
है दुनिया की नजरों में
वो भली बनाना चाहती है।

त्याग कर अपनी इच्छाओं को,
छोड़कर अपनी परीक्षाओं को।
25की उम्र में जो,
50का सपना सजाती है।
एक औरत जब कामती है।.....

उम्मीद नहीं क्या उसके जीवन में,
या नहीं कोई आशा है।
कभी बढ़ती महंगाई से,
कभी वक्त की पाबंदी से ।
जो अपना हुनर छुपाती है,
एक औरत जब कामती है।.....

क्या देखा न सपना देर तक सोने का,
पर उसे जिम्मेदारी जगाती है।
पसंद है पता सबकी उसको,
वो तो बीमारी न किसी को बताती है।
एक औरत जब कामती है।.....
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एक घंटा पहले

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