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डिप्रेशन

                
                                                         
                            शायद कुछ साल पहले ये शब्द सुनने को भी नहीं मिलता था
                                                                 
                            
पर आज कल ये सुनना आम हो गया
वो भी डिप्रेशन में है जिसका पुरा सारा काम हो गया
डिप्रेशन बच्चे से लेकर बडो तक फैला है
सब कुछ होते हुए भी इनसान अकेला है आखिर फिर क्यों ये इतना मेला है
अपनो के बीच भी अगर अकेला है
आखिर वजह क्या है कोई तो कारण होगा
इस समस्या का कोई तो निवार्ण होगा
सब के बीच पैसे की होड़ लगी है
किसी के पास कार तो किसी के पास म़ँहगी घड़ी है
कोई काम में वयस्त है तो किसी का जीवन अस्त है
कोई खाना मैं नखरे दिखाता है
तो किसी को खाना भी नहीं मिल पाता है
कोई शराब पर पैसा बहाते हैं
तो बहुत सारे पानी के बिना ही सो जाते हैं
लेकिन फिर भी ये लोग कुछ ना होते हुए भी खुश रह पाते हैं
सबको अपना बताते हैं
लेकिन पैसे वाले सब होते हुए भी डिप्रेशन से मर जाते हैं क्योंकि वो अपनी समस्या शायद घर वालो को नहीं बता पाते हैं
परिवार के साथ रिस्ता बनाओ ऐसे फिके पड जाए जिसके सामने पैसे
जिंदगी काटनी नहीं जिना सिखो
आखिर क्यों है इतनी असमानता
आपसे करती हुँ मैं एक सवाल
क्यों है जिंदगी में ये बवाल
सब होते हुए भी आप क्यों हो परेशान
अपने बडो़ को दो सम्मान , कभी करो बिना मतलब के दान
फिर देखना कोई भी नहीं होगा परेशान

- खुशी......
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2 वर्ष पहले

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