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नज़र से नज़र

                
                                                         
                            मिलाकर नज़र से नज़र
                                                                 
                            
मुझे भी अपना बना लेना
ज़िंदगी बहुत ही छोटी सी है
थोड़ा सा साथ तुम भी निभा देना
जो छोड़ दूं मैं तेरा साथ
कभी जिंदगी के सफ़र में
तो मेरी कब्र पर गुलाब लगा देना
आ जाए जो याद इस नाचीज़ की कभी तुझको
तो तोड़कर उन गुलाब के फूलों को
अपने गजरेे में सजा लेना
अपने गजरे में सजा लेना

कवि शक्ति सिंह चौहान
चैनपुरिया (चितौड़गढ़) राज.

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6 वर्ष पहले

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