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15 अगस्त अमर रहे

                
                                                         
                            स्वत्रन्त्र भारत अमर रहे।
                                                                 
                            

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मैं आज़ाद भारत हूँ,अमन पैगाम है मेरा ,
सरल सबल हूँ और दया धर्म नाम है मेरा ,
मेरी सरलता को तू कमज़ोरी न समझना
रावण! याद रखना बच्चा-बच्चा राम है मेरा।

मेरे गुरुर से ज़िंदा है तेरा गुरूर इन्सान,
तू ख़ुद को हिंदू कहे या बोले मुसलमान
मेरा परचम तेरी आज़ादी की निशानी है
मेरी पहचान से ज़िंदा है तुम्हारी पहचान ।

मुझे बदनाम कर क्या खाक़ नाम पायेगा
मीर कासिम या जयचंद ही कहा जायेगा
कल की नस्ल तुझे गद्दार कहके बुलायेगी
मान जो देगा मुझे तो जग में मान पायेगा।

तुम मेरी छाती पे सोते हो औलाद हो मेरी
मेरी थाली में खाते हो तुम औलाद हो मेरी
मेरी साँसों से ही ज़िंदा हो तुम याद रखना
कर्ज़ मेरा अदा करना तुम औलाद हो मेरी।

वन्देमातरम् में कहां कौन धर्म दिखता है
राष्ट्रगान से बता कैसे ईमान डिगता है
मेरे ज़मीन पर क्यूँ ख़ंज़र लिये फिरता है
अरु के आगे कौड़ियों के मोल बिकता है।

मैं हिन्दू हूँ मुस्लिम हूँ अल्लाह राम हूँ
मैं ही तेरा ख़ुदा मैं ही तो भगवान् हूँ
मैं ही गीता मैं ही बाइबिल मैं कुरान हूँ
मैं आर्यावर्त हूँ मैं सनातन हिन्दुस्तान हूँ।

मैं तेरा मान हूँ,मैं ही तेरा भाग्यविधाता हूँ
मैं ही तेरा पिता मैं तेरी भारत माता हूँ
मैं तुझको पालने वाला मैं अन्नदाता हूँ
मै आज़ाद भारत हूँ गर्वित गौरवगाथा हूँ।

भारत माता की जय।
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2 वर्ष पहले

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