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रक्षा बंधन

                
                                                         
                            राखी पर मेरी यही दुआ, ईश्वर से यही वंदन है,
                                                                 
                            
भाई की मुस्कान से ही, रोशन मेरा ये आँगन है।
रब करे कोई बुरी नज़र, उसके पास भी फटक न पाए,
तरक्की की उड़ान इतनी ऊँची हो, कि आसमाँ भी छोटा पड़ जाए।
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एक घंटा पहले

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