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मेरा तिरंगा, मेरा वतन

                
                                                         
                            नीले अंबर की हवाओं में,
                                                                 
                            
सदा लहराता रहे मेरा तिरंगा।
चैन ओ अमन की छांव रहे,
मिट जाए हर बैर और दंगा।
खुशहाली बिखरे सब ओर,
धरती के हर सुंदर छोर।
देश का हर जन गर्व से गाये,
गुँजे उल्लास अब चहुँ ओर।
हमारी ये पावन धरती,
सिर आंखों पर ये प्यारा वतन।
जियेंगे इसके सम्मान हेतु,
इस पर ही अर्पण मन और तन।
खाते हैं सौगंध आज हम,
देशभक्ति का दीप जलायेंगे।
इस माटी से जो वादा किया,
हर रस्म वफ़ा की निभायेंगे।
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18 घंटे पहले

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