आँखें भी उनकी हाय कितनी प्यारी थीं।
डूब जाने को जी चाहे ऐसी वो खुमारी थीं।
हमने तो बस एक नज़र देखा था उन्हें।
फिर उम्र भर दिल पे उनकी ही पहरेदारी थी।
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