मेरी जान है तू अरमान है तू ,
मेरे सपनों की फरमान है तू।......
तू ही है अँधेरी रातों में
तू ही है बीती बातों में ,
तू है तो जीवन सुन्दर है
तू है बीती सौगातों में।
तू तन में है तू मन में है
तू रोम-रोम उपवन में है,
तुझे पाके ऐसा लगता है
तू जीवन के हर क्षण में है।
तू जीवन है मेरा दर्पण है
मै तुझमे हूँ तू मुझमे है,
ये सोच के ऐसा लगता है
मेरी जान है तू अरमान है तू
मेरे सपनों की फरमान है तू।
- दुर्गेश बहादुर प्रजापति
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