पुलवामा कि घटना ने दिल को रूला दिया
किसी के पिता, किसी के बेटे को मौत की नींद सुला दिया।
इन्तजार कर रहा था जो घर उनके आने का,
इस दुख भरे समाचार ने उस घर की नींव को हिला दिया।
राह देख रही थी बेटी जिस पापा के आने की ,
उसके उन सुहाने सपनों को उन आंतकियों ने जला दिया।
रो रहा है देश पूरा इस दर्द भरी घटना पें
उनके दर्द और चीत्कारों ने गगन को भी रूला दिया।
वीर जवानो की टोली ने फिर देश के वास्ते खुद को कुर्बान किया।
बहता रहा है सदा लहू इनका इन्होंने फिर से अपना लहू बहा दिया।
करती हूँ नमन उनको उनकी इस बलिदानी को,
धन्य है वो माँ जिन्होंने देश को ऐसे लाल दिया।
झिलमिल यादव
गिरिडीह (झारखण्ड)
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