रास्ते में कहीं भरान न थी
मेरी उम्मीदों को थकान न थी
मिली थी मंजिलें बहुत सी मगर
मेरी तकदीर मेहरबान न थी
खुशी को लग गई नजर किसी की
काली तो अपनी भी जुबान ना दे
-हयात
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