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मैं बहती नदी जैसा हूँ

                
                                                         
                            मैं बहती नदी जैसा हूँ
                                                                 
                            
तुम ठहरे समुन्दर जैसी हो
मैं तुम्हारेअपने जैसा हूँ
तुम मेरे सपने जैसी हो
मैं जलती आग जैसा हूँ
तुम बहती हवा जैसी हो
मैं सूरज की गरमी जैसा हूँ
तुम चॉद की नरमी जैसी हो
मैं तूफान जैसा हूँ
तुम नादान जैसी हो
मैं रेगिस्तान जैसा हूँ
तुम बारिश का पैगाम जैसी हो
मैं माटी का घडा जैसा हूँ
तुम माटी की चमक जैसी हो
मैं खट्टे आम जैसा हूँ
तुम मीठे अंगूर जैसी हो
मैं तीखेपन की प्यास जैसा हूँ
तुम मीठेपन का एहसास जैसी हो
मैं तुम्हारे आँखों के ऑसू जैसा हूँ
तुम मेरी आँखोंका सम्मान जैसी हो
मैं फूलों के बीच काँटों जैसा हूँ
तुम काँटों के बीच फूलों जैसी हो
मैं बहती नदी जैसा हूँ
तुम ठहरे समुन्दर जैसी हो
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3 घंटे पहले

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