जो दिल में है बात
अब बोल भी दो
अपनी मंशाओं का राज
अब खोल भी दो
ऑखों में तेरी
मेरी परछायी दिखती है
और बिन आवाज के ही
शहनाई बजती है
अपनी खामोशी को
थोडा खोल भी दो
और छाये सन्नाटे को
थोडा शोर भी दो
जो दिल में है बात
अब बोल भी दो
अपनी मंशाओ’ का राज
अब खोल भी दो
मुस्कराहट तेरी दिन को
खुशहाल बनाती है
और बिन पूछे ही
एक जबाब बताती है
सादगी तेरी
सुन्दरता निखारती है
और हर दिन मेरे मन को
बस यूँ ही सॅवारती है
जो कुछ खोया है तेरा
उसे फिर टटोल भी लो
जो दिल में है बात
अब बोल भी दो
अपनी मंशाओ’ का राज
अब खोल भी दो
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