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प्रयागराज की सड़कों पर

Prayagraj ki sadakon par
                
                                                         
                            प्रयागराज की सड़कों पर
                                                                 
                            
अस्मिता को बचाने के लिए

एक स्वाभिमानी महिला
मजबूत इरादों से परिपूर्ण

भरी युवावस्था में
वह विधवा हो गयी है

समाज से बिना उम्मीद किये
वह ई- रिक्शा
चला रही है

समाज से कुछ ताने
जरूर मिले होंगे

कुछ अपमान का घूंट
जरुर पीने को मिले होंगे

घर की जिम्मेदारियों को
खुद हाथों में लेकर

इज्जत की रोटी
तलाशने निकल पड़ी है

वह सच में
एक वीरांगना है

 
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46 मिनट पहले

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