दुनिया की झलक देखना है
अगर एक मुट्ठी मे
कैद करना चाहते हो आसमां
एक छोटा-सा सरल उपाय
दया से परिपूर्ण हृदय हो
सत्य से आलोकित मन हो
झूठ, फरेब से मुक्त रहो
नयनों से प्रेम छलकाओ
मानवता को गले लगाना
अहम को छोड़ चलो
इंसान बनकर
लोगों में उतर जाओ
सचमुच आप
जीवन का एक बादशाह हो गये
-जयचन्द प्रजापति जय'
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