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अच्छे आचरण को आत्मसात करता है

                
                                                         
                            हर इंसान के अंदर
                                                                 
                            
कोई न कोई खोट होता है

बहुत से ऐबों से भरा होता है
यह मानव प्रवृत्ति है

जानबूझकर
अगर इन ऐबों का

आदरपूर्वक पालन करते हो
सेवा सत्कार करते हो

इनका मेहमाननवाजी करते हो
तो आप एक इंसान होने का गुण नहीं रखते हो

इंसान वो है
जो अपनी कमियों को

त्याग देता है
अच्छे आचरण को आत्मसात करता है
-जयचन्द प्रजापति "जय''
 
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2 घंटे पहले

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