जो इस धरती पर लाती है,
वो होती है मां।
अपना रात भर जग कर ,
जो हमें सुलाती है।
वो होती है मां।
अपना धूप पर चलकर हमें
आंचल में छुपा लेती है।
वो होती है मां।
अपना अमूल्य समय देकर,
हमको काबिल बनातीं है।
वो होती है मां
यही वह मां की ममता है
जो हमें अपने आंचल पर
छिपा लेती है।
आप के जाने के बाद,
समझ में आया कि
क्या होती है मां।
-जया पन्त
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