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मिलों तो सही

                
                                                         
                            तुम मुझे से कभी मिलों तो सही ,उसी मोड़ पर आज फिर आ कर रुका हूँ
                                                                 
                            
दिल में जों राज दफ़न हो गये थे कभी आज मिल कर फिर से कहो तो सही
पलकों पे जो ख़्वाब सजायें थे एक दूजे के संग जीने के चलो आज फिर मिल कर बुनो तो सहीं
आँखों से बहुत अश्क़ बहा है दोनों के चलो फिर एक बार मिल कर गिले शिकवे एक दूजे से कहे तो सही
हमारा जब साथ छूटा था जब हमारे साथ रहने का ख़्वाब टूटा था
चलो आज मिल कर फिर से उससे बुन्नए तो सही उस वक़्त तो नहीं लड़ पाए थे क़िस्मत से चलो आज मिल कर लड़ें तो सही
रह गयी थी हमारे प्यार की कहानी अधूरी चलो मिल कर आज फिर से नई लिखें तो सही
जिस भरोसे से एक दूजे का हाथ थमा था चलो आज उस पे खरे उतरें तो सही

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6 वर्ष पहले

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