मेरे चेहरे की धूप में तेरा साया साथ है,
मेरी हर एक साँस में तेरा ही एहसास है।
मेरी आँखों में तेरी याद की बरसात है,
मेरे दिल में आज भी तेरी वही बात है।
जब सूनी शामें घिरेंगी, तन्हा होगी राह,
तेरी हँसी याद करूँ, तो रोशन पूरी रात है।
यादों की अमराइयों में बीते लम्हे खोजता हूँ,
तेरे साथ बिताया हर पल आज भी मेरे साथ है।
उम्र चाहे मोड़ बदल दे, वक़्त बदल दे,
दिल में मगर तेरा ही राज़-ओ-एहसास है।
तुमने शरमाकर कहा था- "धत्त" मुझे कभी
मेरी ज़िंदगी का वही सबसे प्यारा एहसास है।
... जगदीश चंद्र कापड़ी
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