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परिस्थितियों से इंसान को, खुद ही लड़ना पड़ता है

                
                                                         
                            जीवन के सफर में, राहें इतनी आसान नहीं,
                                                                 
                            
बिना संघर्ष के जग में, कुछ भी हासिल नहीं।

परिश्रम के बिना ही जिसे, सब कुछ मिल जाए,
जीवन का असली अर्थ, उसे समझ कभी न आए।

संघर्षरत इंसान में, सोने सी चमक होती है,
मंजिल को पाने की, एक अलग ही ललक होती है।

सफलता उन्हें ही मिलती है, जो कभी घबराते नहीं,
मुश्किल वक्त में भी जो, कदम पीछे हटाते नहीं।

परिस्थितियों से इंसान को, खुद ही लड़ना पड़ता है,
तभी तो मन में उसके, आत्मविश्वास बढ़ता है।

संघर्ष बिना जीवन, कुएं के जीव समान है,
जो राहों से लड़े, उसका ही सफर आसान है।

संसार में हर जीव को, संघर्ष से गुजरना पड़ता है,
इस जीवन के सफर में, दुःख-सुख सब सहना पड़ता है।

सफल जिंदगी के लिए, संघर्ष का होना जरूरी है,
जो मेहनत से कतराए, उसकी कहानी अधूरी है।
-जगदीश भंडारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
57 मिनट पहले

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