में बनती हु, में संवरती हु!
में करती हु श्रृंगार अपने बनाए संसार में
अपनी धृति से, अपनी सफलता लिखती हु!!!
में बनती हु, में संवरती हु
में करती हु श्रृंगार अपने बनाए संसार में
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