हर घर तिरंगा लहराए रे,
भारत का गौरव गाए रे।
धरती बोले, अम्बर बोले,
देश प्रेम हम दिखलाए रे…
हर घर तिरंगा लहराए रे…
सैनिक सीमा पर डटा हुआ,
प्रेम में देश के बसा हुआ,
शोणित से सींचे जो धरती,
उसका मान बढ़ाए रे…
हर घर तिरंगा लहराए रे…
माँ के आँचल-सा प्यारा है,
ये तिरंगा नहीं, सितारा है,
रंगों में हैं वो कथाएँ जो,
इतिहास सुनाए रे…
हर घर तिरंगा लहराए रे…
केसरिया हिम्मत दिखलाए,
श्वेत शांति की राह बताए,
हरा उम्मीदों का सागर है,
जो दिल में समाए रे…
हर घर तिरंगा लहराए रे…
चलो सब मिलकर प्रण लें आज,
ना होगा अब कोई भी भेद-राज,
एक रंग में रंग जाएं हम,
भारत ही बन जाए रे…
हर घर तिरंगा लहराए रे…
भारत का गौरव गाए रे…
-इस्लाम अली
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