तो ऐसा है कि किस्सा ये भी सरेआम हो गया,
सीधा साधा लड़का एक शायर बदनाम हो गया,
मैंने अपने सपने लिखे थे कागज़ के पन्नो पर
इस से पहले की पढ़ पाता सब नीलाम हो गया
बहोत कोशिश की हमने दिल न लगाने की
दिल से न कि होगी सो नाकाम हो गया ।
एक शख्स है जिसे अमीरी पच नही रही पेट मे
एक है जो गरीबी की भूख में गुमनाम हो गया
मैंने अपने लहू से ग़ज़ल गढ़ दिए कुछ न हुआ
वो आये कलम घसे और उनका कलाम हो गया
~piyush bhardwaj
~पियुष भारद्वाज
समस्तीपुर बिहार
7602356825
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