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केरल नहीं तो कटक हमारे

                
                                                         
                            केरल नहीं तो कटक हमारे..
                                                                 
                            

चलो आगरा कि जिद छोड़ा,
प्रिय तुम्हें घुमा दूं जैसलमेर।
केरल नहीं तो कटक हमारे,
मन को करेगा भाव बिफोर।।

लुधियाना को भूल गया मैं,
चलो चलें बाघा बॉर्डर पर।
केरल नहीं तो कटक हमारे,
मन को करेगा भाव बिफोर।।

नोएडा में कुछ नया नहीं है,
चलो चलें दिल्ली एक बार।
केरल नहीं तो कटक हमारे,
मन को करेगा भाव बिफोर।।

प्रिय कश्मीर मै नहीं चलूंगा,
करूंगा कलकत्ता की सैर।
केरल नहीं तो कटक हमारे,
मन को करेगा भाव बिफोर।।

मन करता है सूरत चलकर,
सुनूं मशीनों का कुछ शोर।
केरल नहीं तो कटक हमारे,
मन को करेगा भाव बिफोर।।

अभी अयोध्या नहीं चलेंगे,
चलेंगे पहले गंगा तीर।
केरल नहीं तो कटक हमारे,
मन को करेगा भाव बिफोर।।
- होरीलाल "विनीता"
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10 महीने पहले

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