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भयभीत हिंद अपना

                
                                                         
                            जो भी सच लिखा,बोला
                                                                 
                            
गोली का निशाना हो गया
या तो जेल के भीतर ,
उसका ठिकाना हो गया
हिंद मेरा आज किस ओर जा रहा
ध्यान इस ओर
किसी का अबे नहीं जा रहा
देश में झूठ का बोलबाला हो गया।।

हाकिम बिकने लगे जन लेते हैं खरीद
जो बिकते नहीं तो तबादला हो गया
अगर उन्हें मिले ना सुरक्षा तो
वह सुरक्षित भी नहीं
न्याय इसीलिए सच में नहीं मिल रहा
अन्याय का देश में बोलबाला हो गया।।

सच इसीलिए जन ज्यादा लिखते नहीं
सच का साथ आज कोई यहां देता नहीं
गलत होता रहा देश चुपचाप हो गया
भय के कारण भैया कोई आगे नहीं आ रहा
इसीलिए चोर आज देखो राजा बन गया।।
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2 वर्ष पहले

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