किसी ने मुझे शायक लाने को बोला, तो में खुद आ गया,
और मैने वो कर दिखाया जो,
यहां एक अक्सर शायक कर जाता है,
हर व्यक्ति का व्यक्तित्व ऐसा हो यहां,
ये जरूरी नहीं,
ऐसे में वैसे यहां जिम्मेदारी यूही,
बिना बताए बढ़ जाया करती है,
में इस तरह से हर बार अपने नाम पर खरा उतरा,
व करते करते आज एक पसंद बन चुका हु।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X