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हर ध्वस्त हो चुकी आकृति फिर यहां जीवित लगेगी।

                
                                                         
                            कुछ दिनों बाद यहां सबकुछ बदल जायेगा,
                                                                 
                            
जो यहां है वो प्रहत का शिकार हो जाएगा।
नादानी में तुम यहां कुछ भूल ना जाना,
थोड़ा समझदार बनकर यहां से सबकुछ ले जाना।
जब ये प्रहत होना थोड़ा सा रुक जाएगा,
तब तुम यहां ये जमीन को थोड़ा सा रुका हुआ पाना।
तुम्हे देख ये कुम्हार के चाक की तरह घूमने लगेगी,
जो यहां से तुम ले गए थे, उसे वापिस रखने को कहेगी।
देखना तुम कैसे ये अपने इस चाक पर आकार ढालेगी,
हर ध्वस्त हो चुकी आकृति फिर यहां जीवित लगेगी।
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54 मिनट पहले

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