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हिन्दी में रामलला को रमने दों

                
                                                         
                            हिन्दी का रंग हैं भगवा
                                                                 
                            
रंग भगवा ही रहने दो।
अपना कर विशुद्ध हिन्दी,
रंग भगवा ही रहने दो।।

हिन्दी हैं सनातन की संवाहिका
संवाहिका सनातन की रहने दो।
अपनाकर विशुद्ध हिन्दी,
संवाहिका सनातन की रहने दो।।

हिन्दी में रमते है रामलला
उनको सुख- चैन से रमने दो।
अपनाकर विशुद्ध हिन्दी,
रामलला को यहां चैन से रहने दो।।

हिन्दी में रमते हैं कृष्ण कन्हैया
उनको सुख चैन से रमने दो।
अपनाकर विशुद्ध हिन्दी,
नंदलाला को यहां चैन से रहने दो।।

हिन्दी की जननी हैं संस्कृत भाषा
उसपर संस्कृत का प्रभाव रहने दो।
अपनाकर विशुद्ध हिन्दी,
उसका नैसर्गिक सौंदर्य बना रहने दो।।

हिन्दी में है भारत के माटी गंध
उसमें यहां के माटी की गंध रहने दो।
अपनाकर विशुद्ध हिन्दी,
उसे गीत सनातन संस्कृति के गाने दो।।

हिन्दी हैं भूतदयावादी
उसमें भूतदयावादी संस्कार रहने दो।
अपनाकर विशुद्ध हिन्दी,
मुक्त रुप से गौमाता के गीत गाने दों।।

-ओ सी पटले
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2 घंटे पहले

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