चाहे तुम करते हो माँ से
जैसा भी व्यवहार,
पर कभी भी कम न होगा
तुम्हारे लिए माँ का प्यार।।
माँ की ममता को तुम जानो
क्षमा करने की क्षमता पहचानो,
हजार दर्द ह्रदय में छिपा कर भी
वो करती है सदा ही प्रेम व्यवहार।।
धरती पर ईश्वर का रूप है माँ
दया और प्रेम का स्वरूप है माँ,
घाव अनेक लेकर भी जीवन के
सिर्फ तुम्हे सफल देखने को जीती है माँ।।
-हेमा पन्त
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