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माँ की ममता

                
                                                         
                            माँ हो तो टिटहरी जैसी
                                                                 
                            
धूप हो या छाँव
आंधी हो चाहे हो बरसात
अपने बच्चो का ध्यान रखती
तपती धूप हो या जेठ की दोपहरी
अपने बच्चे का हर पल निगरानी करती..

माँ हो तो टिटहरी जैसी
एक पल के लिए भी बच्चे आँखो से ओझल
जो हो जाए तब तक आवाज लगाती जब तक
बच्चे सामने न आजाए टिटहरी मेरे मन को भाती
हर रोज मेरे जिन्ने में आती..!!
-हेमप्रिया
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एक वर्ष पहले

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