कदर करने वाले इंसान को
जब बेकदर इंसान मिल जाए,
तो कदर करने वाला भी
एक दिन बेकदर हो जाए…
हर बार कदर करके भी
अगर बेकद्री ही मिले,
तो दिल भी आखिर
कब तक कदर करता रहे…
फिर इंसान बदलता नहीं,
बस एहसास बदल जाते हैं
जो कभी दूसरों की कदर में
जीता था वो एक दिन
खुद की कदर करना सीख जाता है।
- हेमप्रिया
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