मैं शहर प्रयागराज हूं
शिक्षा की सदियाेेें से आवाज़ हूं
राजनीति की बयार हूं
बेरोजगारों का व्यापार हूं
मैं गंगा, यमुना और सरस्वती के तट पर अवस्थित हूं
संगम के रूप में इतिहास में व्यवस्थित हूं
मैं बेरोजगारों में लोकप्रिय हूं
पुराणों की संस्कृति हूं
नौजवानों की धड़कन हूं
वृद्धों की जकड़न हूं ।
मैं मां- बाप की उम्मीद हूं
सफलता, असफलता का मुरीद हूं
मैं एक तीर्थ स्थल हूं
मैं निर्मल हूं
मैं शहर प्रयागराज हूं
मैं शहर इलाहाबाद हूं
हरिकेश यादव,बी.एच.यू.
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