एक लड़की का अर्ज था
अपनी मर्जी से जिंदगी जीना
यह अर्ज कभी मिला नहीं
यह अर्ज यह अर्ज गया
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X