"दिल में रहने वाले"
वो पुरानी आदतें अभी गया नहीं, ऐ मेरे चाहने वाले,
किस किस को भुलाउं मैं, वो मेरे दिल में रहने वाले
फुलों की पंखुरियों से बने आपका बदन भी है
मोहब्बत भरी नयनों से दिल की बात कहने वाले
वो शरारती निगाहें हर पल मुझे बहकाती हैं क्यों!
एक वो ही है जीवन के सारे दुखों को सहने वाले
मुड़ नहीं सकता कोई मोहब्बत के राह जो चल दीये
हम तो है प्रकृति के दिये अशूलों पे बहने वाले
सावन के बौछार में मदमस्त यौवन क्या कमाल की!
प्यार का तुफां लिए मेरे सीने में धड़कने वाले
लाख कोशिशों के बावजूद भी उसे भूला नहीं सकता,
वक्त का ओ परिंदा बनके बहारों मे चहकने वाले
अब इंतज़ार नयनों में उदासीनता के सिवा कुछ नहीं!
हमेशा की तराह यह शाम में भी हम तरसने वाले।
गुरु दयाल यदुवंशी ।
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