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तेरे दर में अनजान हूं मैं।

                
                                                         
                            तेरे दर में अनजान हूं मैं।
                                                                 
                            
तेरे दर में परेशान हूं मैं।

बिन बुलाए आ जाता हूं।
तेरे दर में फरमान हूं मैं।

कोई नहीं जानता मुझे।
तेरे दर में हलकान हूं मैं।

सिर्फ तुझे ही देखना है।
तेरे दर में बेईमान हूं मैं।

एक दिन मिलना पड़ेगा।
तेरे दर में मेहमान हूं मैं।

मेरी तकलीफ तू जान ले।
तेरे दर में एहसान हूं मैं।

अभी तू मिल सोहल को।
तेरे दर में आशावान हूं मैं।
-गुरदीप सिंह सोहल
 
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7 घंटे पहले

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