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सच्चा प्यार

                
                                                         
                            किसी का किसी को दिल देना
                                                                 
                            
यू ही अचानक नही होता
किसी को देखकर मुस्कराना
प्यार का मानक नही होता

प्यार मे नखरे न हो संभव नही
नखरे सह न सको प्यार मे दम नही
प्यार मे कुछ मिलता नही समर्पण है
प्यार पूजा है जिसमे करना अर्पण है

प्यार करो और प्यार याद न आये
समझो अभी प्यार नही कर पाये
प्यार हो गया तो नींद उड़ा ले जाये
सोते हुए भी प्यार के ही सपने आये

गोपाल शर्मा

-हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले

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