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हर राज़ बयां हो जाए — ज़रूरी तो नहीं

                
                                                         
                            हर कहानी मुकम्मल हो, ज़रूरी तो नहीं,
                                                                 
                            
जिसे चाहो, वो भी तुम्हें चाहे — ज़रूरी तो नहीं।

दिल के सफ़र में हर मोड़ पर हमसफ़र मिले,
हर रिश्ते को मंज़िल मिले — ज़रूरी तो नहीं।

कभी दिल लग जाता है अनायास ही किसी से,
वो दिल भी उसी का हो जाए — ज़रूरी तो नहीं।

कभी मोहब्बत अधूरी रहकर भी हसीं लगती है,
हर चाहत मुकम्मल हो जाए — ज़रूरी तो नहीं।

घनश्याम दिल की दास्तां सबको समझ आ पाए,
हर राज़ बयां हो जाए — ज़रूरी तो नहीं।
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एक वर्ष पहले

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