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बड़ी किस्मत से मिलती है ये खाकी वर्दी

                
                                                         
                            तुम पोंछ सको आंसूं उनके,
                                                                 
                            
जो दीन हीन हैं,शोषित हैं ।
प्रतिकार करो उन दुष्टों का,
जो भी अधर्म से पोषित हैं ।
इस हेतु विधाता ने तुमको,
चयनित कर धाम धरा भेजा
मानव हित में हे श्रेष्ठ मनुज
करने को काम बड़ा भेजा।
मिलता है हजारों मे एक को,
सब को यह मान नहीं मिलता ।
किस्मत के बिना इस दुनिया मे,
खाकी वाला सम्मान नहीं मिलता ॥
- प्रांशु वर्मा 
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2 वर्ष पहले

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