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मेरे हमसफर

                
                                                         
                            जैसे जैसे दिन डल रहा है
                                                                 
                            
वैसे वैसे दिल की धड़कनें और तेज होती जा रही है
पता है क्यों..?
क्योंकि वो आने वाला है
मेरे हमसफर
जिसे देख इस रूंह को शुकुन मिलती है
वक्त थम जाती है, पल्क थम जाती है
इन आँखों पे सिर्फ उसी का चेहरा है
और लबों पे सिर्फ उसी का नाम
उसे देख मैं बेशूद हो जाती हूँ
उसके आने के बाद ना मुझे कुछ दिखता है
और नाहीं मैं कुछ और देखना चाहती हूँ
क्योंकि वो मेरी जिंदगी है, मेरे सपने है
मेरे अपने है, मेरी दूनिया
मेरा सबकुछ बस वही है
मेरे हमसफर
ये चांद तारें जो आज मुझे इस तरह देख रहे हैं न
कल देखना ये भी छिप जायेगा, जब वो आयेगा
मुझसे मिलने मेरे साथ रहने, मेरे हाथ पकड़कर साथ चलने
ओ आयेगा मेरे हमसफर..।
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36 मिनट पहले

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