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मेरी तनहाई मेरी यादें मेरे शब्द मेरी बातें

                
                                                         
                            मेरे जाने के बाद
                                                                 
                            
मेरे अस्तित्व में ठहराव आयेगा

मैं भूल जाउंगा सब कुछ
पर जमाने को फिर भी सब याद आयेगा

जो मैंने लिखा है,जो मैंने पढ़ा है और जो मैंने गड़हा है
मेरी तनहाई मेरी यादें मेरे शब्द मेरी बातें

मैंने कभी सोचा नहीं था
के ये सफर इतना कठिन होगा

पर अब,जब जाने का वक्त आ गया है
तब लग रहा है के जैसे अब भी कुछ बाकी है

कुछ लिखने के लिए कुछ पढ़ने के लिए
कुछ सिखने के लिए और गड़ने के लिए

पर अब बहुत देर हो गई है
अब वक्त धीरे धीरे मेरे हाथों से फिसलता जा रहा है

पर ये वादा रहा, मैं फिर आउंगा,किसी न किसी की यादों में
किसी न किसी की बातों में और किसी न किसी की अल्फाजों में

उन्हीं यादों के साथ, उन्हीं बातों के साथ
उन्हीं शब्दों और उन्हीं अल्फाजों के साथ
पर मैं आउंगा ....जय हिंद....।
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36 मिनट पहले

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