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आखिर कितनो का मन जीत पायेगे हम

                
                                                         
                            कोई हमें अच्छा कहेगा कोई कहेगा बुरा
                                                                 
                            
कोई हममें कमियां निकलेगा
तोह कोई खूबियां
कोई हमारे संग चलेगा
तो कोई संग हमारा छोड़ेगा
कोई हमारी हा में हा मिलाएगा
तो कोई हमारी बातों को नक्कारेगा
कोई हमारे लिए फूल सजाएगा
तो कोई राह पर काटे बिछाएगा
हम सच्चाई के रास्ते पर चलेंगे
तब भी कई हमें झूठे कहेंगे
चलते चलते थक हम जायेगे
आखिर कितनो का मन जीत पायेंगे
-गौरी शर्मा
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एक वर्ष पहले

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